बदायूँ सहसवान तहसील क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे जच्चा-बच्चा केंद्रों और अस्पतालों के कारण लोगों की जान खतरे में है। पत्रकार एसोसिएशन, सहसवान के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर इन फर्जी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकार एसोसिएशन ने अपने शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं कि क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में अस्पताल बिना किसी वैध पंजीकरण के चल रहे हैं। इन केंद्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया गया है कि इन अस्पतालों में न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही इलाज या सर्जरी के लिए आवश्यक उपकरण मौजूद नहीं हैं।
सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहाँ ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिसके कारण अब तक कई गर्भवती महिलाओं की असुरक्षित प्रसव के दौरान जान जा चुकी है।
इन अवैध अस्पतालों के बाहर बड़े-बड़े बैनर लगाकर एमबीबीएस और अन्य डिग्रीधारी डॉक्टरों के नाम लिखे जाते हैं, ताकि आम जनता को गुमराह किया जा सके।
पत्रकार एसोसिएशन ने उल्लेख किया है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा ‘सेवा अस्पताल’ को अवैध पाए जाने पर सील कर दिया गया था, लेकिन सील होने के महज चार दिन बाद ही वह अस्पताल पुन संचालित होने लगा। यह प्रशासन की ढिलाई और अवैध संचालकों के हौसले को दर्शाता है । एसोसिएशन ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे तहसील क्षेत्र में चल रहे ऐसे सभी संदिग्ध अस्पतालों की तुरंत जांच कराई जाए। पत्र में कहा गया है कि यदि समय रहते इन पर प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी निर्दोष लोगों की जान जा सकती है।





